रिपोर्ट -त्रिपुरारी यादव
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना के प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र में आज “भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान को रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला के पूर्व महाप्रबंधक एस. के. सूरी ने प्रस्तुत किया।जिसमें उन्होंने हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीक, इसके लाभ और भारत में इसके संचालन की तैयारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।अपने व्याख्यान में श्री सूरी ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल है और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह भविष्य की ग्रीन एनर्जी ट्रेनों की दिशा में भारत का एक बड़ा कदम है। उन्होंने समझाया कि हाइड्रोजन ट्रेनें हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक पर आधारित होती हैं, जिससे डीजल इंजनों की तुलना में यह अधिक कुशल और स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस. के. श्रीवास्तव ने किया, जिसमें उन्होंने इस विषय की प्रासंगिकता पर जोर दिया।व्याख्यान में बरेका के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, और तकनीकी प्रशिक्षु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।इस अवसर पर प्राचार्य जितेंद्र अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया और इस तरह के तकनीकी व्याख्यानों को भविष्य में भी आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
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