रिपोर्ट-त्रिपुरारी यादव
वाराणसी रोहनिया - राजकीय महाविद्यालय जक्खिनी, वाराणसी में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित " हरित अर्थव्यवस्था एवम संपोषणीय विकास : नव भारत की संकल्पना " विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ राजीव श्रीवास्तव प्रोफेसर इतिहास विभाग बी एच यू , वाराणसी ,की नॉट स्पीकर द्वेय डॉ अंकिता गुप्ता एसोसिएट प्रोफेसर अर्थशास्त्र, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी एवम डॉ शशिकपूर दास एवं गेस्ट ऑफ ऑनर प्रो पी के शर्मा व डॉ रमेश सिंह टी डी कॉलेज जौनपुर रहे ।मुख्य अतिथि ने हरित अर्थव्यवस्था में जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता डॉ अंकिता गुप्ता ने कहा कि हरित अर्थव्यवस्था की अवधारणा भारत के लिए कोई नवीन संकल्पना नही है वरन यह सदियों से रची बसी है । डॉ शशि कपूर् दास ने भारतीय धर्म परंपरा में पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन की परंपरा पहले से ही रही है ।प्राचार्य डॉ उमाशंकर गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गैर -जीवाश्म ईंधन के प्रयोग व समावेशी विकास पर अपने विचार प्रस्तुत किये।
No comments:
Post a Comment