रिपोर्ट-विनोद कुमार यादव
नौगढ़ चन्दौली ग्राम्या संस्थान एवं महिला स्वास्थ्य अधिकार मंच के संयुक्त तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को तहसील क्षेत्र के लालतापुर गांव में महिला सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन स्त्री मुक्ति संगठन की पद्मासिंह एवं ग्राम्या संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में बताते हुए ग्राम्या संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने बताया कि महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए दुनिया भर में महिला दिवस मनाया जाता है साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करना भी है। इस वर्ष की महिला दिवस की थीम वूमेन इन लीडरशिप अचिविंग एन इक्वल फ्यूचर इन ए कोविड-19 वर्ल्ड है। सबसे पहले अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वान पर इस दिवस को 28 फरवरी 1919 में मनाया गया था बाद में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगनें सम्मेलन में इसे अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया।उस समय इसका मकसद महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिलाना था क्योंकि तब ज्यादातर देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित पद्मा सिंह ने कहा कि आज के बहुत पहले तो महिलाओं की स्थिति और खराब थी महिलाओं को वोट देने का भी अधिकार नहीं था उनकी आर्थिक सामाजिक स्थिति बेहद कमजोर थी आज इतनी महिलाएं अपने अपने घरों से निकलकर एक दूसरे के मदद के लिए आई है यह सबसे अच्छी बात है। महिलाओं के बेहतरी के लिए सभी महिलाओं को एकजुट होकर अपने हकों की लड़ाई लड़नी होगी, हम सभी उपस्थित महिलाएं आज यह संकल्प लें कि किसी भी महिला के साथ अन्याय होता है तो हम उसकी मदद के लिए आगे आएंगे। सम्मेलन में महिलाएं विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के माध्यम से अपने दिन को मनाया एवं खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर क्षेत्र के गोलाबाद, डुमरिया, लालतापुर, बसौली, नर्वदापुर, मझगावां, तेंदुआ, मझगाईं सहित विभिन्न गांव से प्यारी देवी, मराछी, संगीता, विद्यावती अनीता, कुसुम, सीमा, ललिता, रेखा, दुर्गावती, सुरेंद्र, त्रिभुवन, मंजू, शशिकला, रामविलास सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन नीतू सिंह ने किया।
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