वाराणसी वर्तमान समय में ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम को काशी हिंदू विश्वविद्यालय से सोशल मीडिया संकल्पना को बल देने वाले डॉ सत्यप्रकाश पांडेय ने महामना के जन्मदिवस पर MEET कार्यक्रम की आधारशिला रखी थी. मास्टरी फॉर एजुकेशन एंड एंपावरमेंट आफ टैलेंट का पटल शिक्षा के क्षेत्र में, व्यक्तित्व विकास, स्वस्थ मानसिकता, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के यूनिक टैलेंट को वैश्विक पटल पर रखने, तथा स्वरोजगार के दिशा में एक बड़ा अभियान का स्वरूप ले रहा है.डॉक्टर सत्या होप टॉक के नाम से विभिन्न विचारधाराओं और व्यक्तित्व को प्लेटफार्म देने वाला वैज्ञानिक प्रयोग, आजीवन सदस्यता कार्यक्रम के तहत सभी का आह्वान "शिक्षा की भिक्षा" कार्यक्रम से जुड़ने के लिए कर रहा है. "मास्टरी फॉर एजुकेशन एंड एंपावरमेंट ऑफ टैलेंट MEET" एक ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसमें लोगों को ऑनलाइन एजुकेशन और स्वरोजगार के लिए तैयार किया जाता है।
डॉक्टर सत्य प्रकाश, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में नेशनल फैसिलिटी सेंटर के वरिष्ठ वैज्ञानिक है तथा उनका मानना है कि इस तरह से ट्राइबल मेडिसिन की इंफॉर्मेशन को जनजातीय लोगों के बीच से उठाकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय वैश्विक पटल पर रख रहा है और नई दवाओं की खोज कर रहा है, उसी तरह सुदूर ग्रामीण अंचलों में छिपे हुए टैलेंट को अपने माध्यम से वैश्विक पटल पर रखना मीट कार्यक्रम का बृहद उद्देश्य है. उनका मानना है भले ही ऑनलाइन एजुकेशन महामारी काल में बहु प्रचलित हुआ है, परंतु इसका सदुपयोग और सतत प्रयास 2022 तक समाज में व्यक्तित्व और नैतिक विकास कर देगा. मौलिक विधि से तैयार किए गए इस कार्यक्रम की अनेकों लाभ के बीच में सोशल मीडिया डिटॉक्सिफिकेशन भी बहुत महत्वपूर्ण है. डॉक्टर सत्य प्रकाश का मानना है कि, जिस प्रकार से सोशल मीडिया में नेगेटिव माइंड सेट के लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं, यदि हम सोशल मीडिया को अच्छी चीजों से भरने में पीछे रह गए, तू यह एक बड़ा मानसिक कैंसर साबित होगा. पिछले 10 महीने के शिक्षा अभियान के तहत अभी तक 1000 से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा चुका है. 25 दिसंबर को महामना के जन्म दिवस के अवसर पर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के द्रव्य गुण के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर केएन दिवेदी जी ने भी कार्यक्रम को अपनी शुभकामनाएं दी तथा इसको अपना नैतिक कर्तव्य समझते हुए सभी को इस में भाग लेने के लिए आग्रह भी किया।
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